Thursday, October 1, 2026

Letters Across Time 17 September 2001

 "Letters across the Time"


17 September 2001

Age 30

Dear Amit,


तीस की उम्र में तुम्हें लगेगा कि अब जिंदगी गंभीर हो गई है।

काम है।

जिम्मेदारियाँ हैं।

परिवार है।

भविष्य की चिंता है।

और शायद तुम्हें पहली बार यह एहसास भी होगा कि समय सचमुच तेज़ी से गुजरता है।

अब तुम सिर्फ अपने लिए नहीं जी रहे।

तुम्हारे फैसलों का असर दूसरे लोगों पर भी पड़ता है।

तुम बहुत कुछ हासिल करना चाहोगे।

अपना घर।

अपना नाम।

अपनी पहचान।

एक सुरक्षित भविष्य।

सब अच्छा होगा।

लेकिन एक बात याद रखना।

सिर्फ भविष्य के लिए मत जीना।

क्योंकि भविष्य कभी आता ही नहीं।

जब वह आता है,

वह वर्तमान बन चुका होता है।

इसलिए काम करना,

लेकिन जीवन को काम मत बना देना।

परिवार के साथ बैठना।

बिना किसी खास वजह के बाहर जाना।

दोस्तों को फोन करना।

कभी-कभी छुट्टी लेना।

और अपनी पसंद की चीज़ें करना।

तुम्हें लगेगा कि अभी समय बहुत है।

नहीं है।

समय हमेशा उतना ही है जितना यह पल।

कुछ लोग तुम्हारे साथ चलेंगे।

कुछ रास्ते बदल लेंगे।

किसी को रोकने की कोशिश मत करना।

रिश्तों को पकड़कर रखने से वे मजबूत नहीं होते।

उन्हें जगह देने से होते हैं।

और अपने शरीर का ध्यान रखना।

तुम्हें अभी लगेगा कि शरीर हमेशा साथ देगा।

ऐसा नहीं है।

नींद को महत्व देना।

चलना।

अच्छा खाना।

हँसना।

और समय रहते डॉक्टर की बात सुनना।

क्योंकि चालीस की उम्र में तुम्हारा यही शरीर तुम्हारे साथ हिसाब माँगने लगेगा।

और हाँ...

हर सफलता का जश्न मनाना।

छोटी हो या बड़ी।

तुम बहुत मेहनत कर रहे हो।

खुद को यह बताना मत भूलना।

Love,

Amit

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