Saturday, September 26, 2026

Letters Across Time 26 September 1981

 "Letters Across Time"

One Letter Every Ten Years. 

From "Me to Me"

"A Lifetime of Conversations"


26 September 1981

Age 10 Yrs

Dear Amit,


तुम अभी बहुत छोटे हो।

तुम्हें लगता है दुनिया बहुत बड़ी है और तुम्हारी दुनिया बहुत छोटी।

तुम्हारे पास कुछ खिलौने हैं, कुछ दोस्त हैं, स्कूल है और ढेर सारे सवाल।

तुम्हें लगता है बड़े होकर सब कुछ समझ आ जाएगा।

नहीं।

बड़े होकर भी बहुत कुछ समझ नहीं आएगा।

लेकिन अभी तुम्हें यह जानने की जरूरत भी नहीं है।

अभी बस खेलो।

बारिश में भीगो।

बिना वजह हँसो।

पेड़ पर चढ़ो।

गिरो तो फिर उठो।

और जब माँ तुम्हें डाँटे, तो कुछ देर नाराज़ होकर फिर उनके पास जाकर बैठ जाना।

तुम्हें अभी नहीं पता कि एक दिन तुम्हें इन छोटी-छोटी चीज़ों की कितनी याद आएगी।

अभी तुम्हें लगता है कि बड़े होना बहुत अच्छा होगा।

कोई तुम्हें डाँटेगा नहीं।

तुम अपनी मर्जी से सब करोगे।

लेकिन सुनो...

बड़े होने की जल्दी मत करना।

बचपन लौटकर नहीं आता।

तुम्हारे पास अभी सपने बहुत हैं।

उन्हें छोटा मत होने देना।

किसी से यह मत पूछना कि तुम क्या बनोगे।

पहले यह जानना कि तुम कैसे इंसान बनना चाहते हो।

और हाँ...

गलती करने से मत डरना।

तुम्हारे गिरने से दुनिया खत्म नहीं होगी।

बस इतना याद रखना,

अच्छा इंसान बने रहना।

बाकी रास्ते खुद बनते जाएंगे।

और एक दिन,

बहुत साल बाद,

तुम पीछे मुड़कर इस छोटे से लड़के को देखोगे...

तो उसे बहुत प्यार से देखना।

वह तुम्हारा सबसे सच्चा रूप था।


Your's 

Amit

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